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India's top 5 ai tools : जो यूज़र्स रिसेंटली यूज करते हैं।

 

दोस्तों,

 दुनिया एi की स्पीड से भाग रही है। और जो स्टूडेंट्स यह पांच एआई यूज़ नहीं कर रहे हैं, वह रेस शुरू होने से पहले ही हार चुके हैं।

 टॉप 1% स्टूडेंट्स क्या करते हैं?

 वो एi को शॉर्टकट नहीं एक वेपन की तरह यूज़ करते हैं। प्रोडक्टिविटी 5x, अंडरस्टैंडिंग 3X और पैनिकिक ज़ीरो। 2026 में एi के बिना काम करना वैसा ही है जैसे स्मार्टफोन के बिना इंटरनेट चलाना पॉसिबल है पर आउटडेटेड लगता है और यह सिर्फ मेरा ओपिनियन नहीं है बल्कि हार्ड डाटा भी यही कहता है  एआई अडॉप्शन सर्वे 2026 के हिसाब से

इंडिया के 57% हायर एजुकेशन इंस्टीटशंस अपनी एआई पॉलिसी इंप्लीमेंट कर चुके हैं। और कैंपस टेक्नोलॉजी के 2024 सर्वे में यह भी सामने आया है कि 86% स्टूडेंट्स अपनी स्टडीज में एआई टूल्स यूज करते हैं। जिसमें 54% वीकली और 24% डेली यूजर हैं। लेकिन शॉकिंग फैक्ट यह है कि इन 86% स्टूडेंट्स में से ज्यादातर लोग एi का फुल पोटेंशियल यूज़ ही नहीं कर रहे हैं। क्योंकि वो मोस्टली चैट जीपीटी को पायलट से एसएस और आंसर्स कॉपी पेस्ट कर रहे हैं। 

आज मैं वो पांच टूल्स रिवील करूंगा जो टॉप यूज़र्स रिसेंटली यूज करते हैं। इनफैक्ट एक टूल तो ऐसा है जो आपकी स्क्रीनदेखकर रियल टाइम में आपको गाइड करता है। 


इमेजिन करो पर्सनल ट्यूटर जो 24 * 7 आपके लिए अवेलेबल हो। फिर चाहे आपको एग्जाम के लिए नोट्स बनाने हो, कोडिंग एरर्स फिक्स करने हो, अपनी प्रेजेंटेशंस को नेक्स्ट लेवल पे लेके जाना हो या अपना पर्सनल पोर्टफोलियो बिल्ड करना हो। यह टूल्स एक कंप्लीट इकोसिस्टम क्रिएट करते हैं। अब सोच के देखो अगर आप अपना स्टडी टाइम 40% रिड्यूस करके अंडरस्टैंडिंग तीन गुना ज्यादा बूस्ट कर पाओ तो आप अपनी एनर्जी को करियर, क्रिएटिविटी और ग्रोथ में कितना ज्यादा इन्वेस्ट कर सकते हो। 

   चैट जीपीटी ग्रॉक को पायलट ये तो सबको यूज कर रहा है। पर क्या आप Google AI स्टूडियो विद जेमिनाई यूज़ कर रहे हो? अगर नहीं तो आपने अभी तक AI का लेवल टू अनलॉक ही नहीं किया है। इसलिए अपने लिस्ट में सबसे पहला टूल है

1 .Google AI स्टूडियो 

Google AI स्टूडियो आपका 24 *7 अवेलेबल पर्सनल ट्यूटर है जो आपकी स्क्रीन देखकर रियल टाइम आपकी हेल्प करता है। बस आपको AI studio.g.com पे जाना है। फ्री Google अकाउंट से लॉगिन करना है और आपको डैशबोर्ड पर इनेबल स्क्रीन शेयर का ऑप्शन दिख जाएगा। मतलब लिटरली बस एक क्लिक और लाइव ट्यूटर जो आपके साथ बैठा है ऐसा फील आएगा। अब सपोज़ आप फाइनेंस फील्ड में हो और रिकंसिलेशन कर रहे हो। यहां आता है इंटरेस्टिंग पार्ट। आप जेमिनाई से डायरेक्टली बोल सकते हो, जेमिनाई इस रिकॉन्सिलेशन शीट में मिसमैच कहां आ रहा है? स्टेप बाय स्टेप बताओ।

इस बैलेंस शीट में 2016 और 2017 के बीच अकाउंट्स रिसीवेबल नेट एंड अदर आइटम की वैल्यू में एक बड़ा अंतर दिख रहा है। और जेमिनाई स्टेप बाय स्टेप ही आपको सेल लेवल मिस्टेक्स, रेंज सिलेक्शन एरर्स और लुकअप इनकंसिस्टेंसी स्पॉट करवा देगा। प्लस यह वर्क फ्लो हाइजीन भी रिकमेंड करता है। मतलब नेम रेंजेस, डेटा वैलिडेशन और ऑडिट ट्रे्स जो बेसिक लेवल एफिशिएंसी से बहुत ऊपर की चीज़ है। और इसको और ज्यादा इफेक्टिवली यूज़ करने की मैं आपको एक प्रो टिप और देता हूं। अपने प्रम्प्ट्स को जितना हो सके कॉन्टेक्स्ट के साथ और स्पेसिफिक रखो। क्योंकि जितना स्पेसिफिक

आपका प्र्ट होगा उतना एक्यूरेट यह आपको गाइड कर पाएगा। और एक्स्ट्रा प्राइवेसी के लिए सेंसिटिव डेटा ब्लर करने की हैबिट बना लो। जेमिनाई को पैटर्न समझने के लिए रॉ नंबर्स की जरूरत नहीं होती है। बस स्ट्रक्चर और फार्मूला उसके लिए काफी होते हैं। और यह तो सिर्फ शुरुआत है। 

2. Google का नोटबुक एलएम।

 नोटबुक एलएम को मैं नॉलेज ऑपरेटिंग सिस्टम कहता हूं क्योंकि यह सिर्फ चीजों को समराइज़ नहीं करता बल्कि आपके मटेरियल को रियूज़ेजेबल स्ट्रक्चर्स जैसे माइंड मैप्स, गाइड्स, एफएक्यूस में

कन्वर्ट करता है। मतलब एक रॉ टेक्स्ट बुक को यह एकदम एग्जाम रेडी टूलकिट बना देता है। तो नोटबुक lm.g.com पे जाओ, एक नोटबुक बनाओ और उसमें दो-चार हाई क्वालिटी सोर्सेस अपलोड कर दो। बस उसके बाद notebook lm खुद आपके लिए एक स्ट्रक्चर लर्निंग एनवायरमेंट क्रिएट करके देगा। और इसकी खास बात यह है कि यह सिर्फ थ्योरी को रिपीट नहीं करता। यह आपको चेक लिस्ट के फॉर्मेट में एक प्रॉपर एप्लीकेशन रूट देता है। जैसे डेटा रिक्वायरमेंट्स क्या है? एजम्पशंस कहां फेल हो सकते हैं? एज केसेस क्या हो सकते हैं? और इंटरप्रिटेशन के टाइम आने वाले रिस्क को कैसे अवॉइड करना है? सब मतलब सिर्फ पॉइंट्स के बजाय नोटबुक एलएम में आपको एक प्रॉपर फ्रेमवर्क मिलता है। और यही है ए की एडवांस टेक्नोलॉजी। और इसका हिडन फीचर जो मुझे लगता है कि ज्यादातर लोग यूज नहीं करते इसकी ऑडियो समरीज। दो एआई होस्ट आपके नोट्स को पॉडकास्ट स्टाइल में डिस्कस करते हैं जिससे आप वॉक करते टाइम सुन सकते हो और इंस्टेंट रिवीजन कर सकते हो और इसमें भी मेरी टिप रहेगी कि आप अपने सोर्सेस को जितना हो सके हैंड पिक रखना क्योंकि सिर्फ एक वीक सोर्स आपकी पूरी नोटबुक की क्वालिटी को खराब कर सकता है। 

एक ही नोटबुक में आपके समरीज, माइंड मैप्स, एफएक्यूस, प्रैक्टिस क्वेश्चंस और ऑडियो डिस्कशन सब एक जगह। यही है एडवांस एआई का पावर। एक ऐसा फ्रेमवर्क जो आपको सिर्फ पढ़ाता नहीं बल्कि सोचना और अप्लाई करना भी सिखाता है। 

 3. रेप्लीट.com पे फ्री अकाउंट बना लो। डैशबोर्ड पे क्रिएट रेप्लीट पर क्लिक करो और अपनी जर्नी शुरू करो। 

स्टूडेंट को करना चाहिए वो है अपनी पर्सनल पोर्टफोलियो वेबसाइट बनाना। क्योंकि आज के कंपेरिटिव जॉब मार्केट में सबसे ज्यादा स्टूडेंट्स इंटर्नशिप्स मिस कर देते हैं। सिर्फ इसीलिए क्योंकि उनके पास प्रॉपर पोर्टफोलियो नहीं होता है। और रिज्यूे के अलावा पोर्टफोलियो ही वो प्रूफ है जो आपकी स्किल्स और एक्सपीरियंस को शोकेस करता है। और वैसे तो आप खुद से भी कोड करके अपनी पोर्टफोलियो वेबसाइट बना सकते हो। पर अगर आप यह काम रेप्लीट के एआई से करवाना चाहते हो तो बस टाइप करो बिल्ड अ स्टूडेंट पोर्टफोलियो वेबसाइट विथ माय अचीवमेंट्स

प्रोजेक्ट्स सर्टिफिकेशंस और 5 मिनट में आपकी प्रोफेशनल साइट रेडी हो जाएगी विद अबाउट मी एकेडमिक रिकॉर्ड्स प्रोजेक्ट्स स्किल्स कांटेक्ट सेक्शंस और बेस्ट पार्ट यह है कि रिपीट का एआई असिस्टेंट कोड को एक्सप्लेन भी करता है। मतलब वेबसाइट बनाते जाओ और कोडिंग भी सीखते जाओ। दो स्किल्स एक साथ और जहां रिसर्च शो कर रही है कि पोर्टफोलियो होना एक नेसेसिटी है। ऐसे में अगर आपके पास एक प्रोफेशनल पोर्टफोलियो नहीं है तो आप ऑलरेडी पीछे हो। इनफैक्ट रिसर्चेस यह भी दिखाती है कि आज के एंप्लयर्स के लिए पोर्टफोलियो रिज्यूुमे से ज्यादा वैल्यूुएबल प्रूफ है। क्योंकि यह डायरेक्टली आपकी स्किल्स और रियल वर्क को शोकेस करता है। 

4. टेक्स्ट बुक 

 वेबसाइट पर जाके टेक्स्ट बुक या नोट्स के पीडीएफ अपलोड करो और इसका एआई तुरंत पूरे डॉक्यूमेंट को एनालाइज करके इंटेलिजेंट क्यूएनए सिस्टम क्रिएट करके देगा। और इसका एक फीचर जो मैं स्पेशली रिकमेंड करना चाहूंगा वो है चैप्टर एनालिसिस। मतलब आपको

बस एक्सप्लेन ऑल केमिकल रिएक्शंस इन चैप्टर फाइव टाइप करना है और सारे रिएक्शंस, इक्वेशंस, कंडीशंस, ऑर्गेनाइज़ रिस्पांस में विद पेज रेफरेंसेस आपके सामने आ जाएंगे। और एग्जाम टाइम में आप लिस्ट ऑलेंट डेफिनेशंस इन दिस पीडीएफ। कमांड देके इससे इंस्टेंट डेफिनेशन लिस्ट भी निकाल सकते हो विद एग्जैक्ट पेज नंबर्स। और एक सीक्रेट हैक जो ज्यादातर टॉपर्स यूज़ करते हैं वो यह है कि वो pdf. पे मल्टीपल पीडीएफ्स अपलोड कर देते हैं जिससे उनके आंसर्स ऑटोमेटिकली क्रॉस चेक भी हो जाते हैं।

 5. Vivo O3 बाय Google। 

 Vivo3 रियलिस्टिक एi वीडियोस क्रिएट करता है जो प्रेजेंटेशंस, प्रोजेक्ट्स और क्रिएटिव असाइनमेंट्स को मूवी लाइक लेवल पर लेके जाता है। पर Google AI टेस्ट किचन अभी इसका लिमिटेड एक्सेस दे रहा है। तो इसके लिए आपको पहले अप्लाई करना पड़ेगा। बट हैक यह है कि इसके कुछ अल्टरनेटिव्स जैसे रनवे एमएल, पिकका लैब्स, सिंथेस या इमीडिएट एक्सेस देते हैं सिमिलर फीचर्स के साथ और इसके रियल लाइफ यूज़ केसेस भी माइंड ब्लोइंग है। सोचो जरा आपके दिमाग में जो टफ कांसेप्ट हमेशा कॉम्प्लेक्स लगते थे।

अब वो एकदम रियलिस्टिक वीडियो बनकर सामने आ जाए। जैसे अगर आप साइंस पढ़ रहे हो तो फोटोसिंथेसिस प्रोसेस का 3D एनिमेटेड वीडियो जनरेट कर सकते हो या अगर हिस्ट्री समझना है तो उसके लिए एक विजुअल वीडियो बनवा सकते हो जो पूरा सीन समझा पाए और इसी तरह आप लैंग्वेज लर्निंग में भी एक कन्वर्सेशन वीडियो क्रिएट करके प्रैक्टिस कर सकते हो। बेसिकली हर सब्जेक्ट में आप अपने टॉपिक्स को वीडियो के थ्रू रियलिस्टिक विजुअल्स में देख सकते हो जो आज से पहले इतना आसान नहीं था। और यह तरीका बोरिंग से बोरिंग कांसेप्ट्स को भी इंगेजिंग बना देता है। इनफैक्ट सिर्फ

पढ़ाई में ही नहीं आप इससे अपनी प्रेजेंटेशंस और प्रोजेक्ट्स को भी नेक्स्ट लेवल पर लेके जा सकते हो। जैसे अगर आप पीपीटी बना रहे हो तो उसमें विजुअल्स वीडियोस ऐड करके अपनी स्लाइड्स को इंस्टेंटली एंगेजिंग बना सकते हो। ऑडियंस के लिए यह एक डोपामिन हिट होता है बोरिंग टेक्स्ट से निकाल कर एकदम लाइव विजुअल्स देखना। और इसका एक एक्स्ट्रा फीचर जो ज्यादातर लोगों को शायद पता ही नहीं है वो यह है कि इसमें आप वॉइस क्लोनिंग भी कर सकते हो। मतलब आप किसी एआई एिटार को अपनी वॉइस दे सकते हो। और दोस्तों, यही थे वह पांच एआई टूल्स 

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